Saturday, October 25, 2008

शादी पर सलाह

दोस्तों, पुराने जमाने में शादी से पहले लड़का लड़की की कुंडली मिलायी जाती थी। शादी से पहले पुरोहित जी कुंडली देखके के रिश्ता पक्का करते थे। लेकिन समय बदला, लोग धीरे-धीरे कुंडली भूल गये,शादी में जन्मकुंडली पर दहेज हावी हो गया ।लोग दहेज के सामने जन्मकुंडली क्या लड़की कैसी वे भी भुल गये। लेकिन समय तो अपनी गति से चलता रहता है। भुमंडलीकरण के इस दौर में लड़कियां भी स्वालंबी बनी...पुराने जमाने का गंधर्व विवाह के जगह लव मैरेज ने ले लिया। लेकिन अब मैं आप लोगों को एक सलाह देना चाहता हूं कि जो कभी मैं अपने एक खास दोस्त को दिया था, लेकिन नहीं माना...नतीजा सामने है। वो सलाह मैं आपलोग से भी बांटना चाहता हूं। शादी में सबसे पहले जोड़ो का बल्ड ग्रुप मिलाये... बल्ड ग्रुप में ध्यान यह रखना चाहिए कि लड़की का बल्ड ग्रुप निगेटिव तो नहीं है। अगर लड़की का बल्ड ग्रुप निगेटिव है तो लड़के का बल्ड ग्रुप भी निगेटिव ही होना चाहिए नहीं तो बच्चे के पैदा होने में समस्या होती है। अगर लड़की का बल्ड रेहस निगेटिव है और लड़का का रेहस पॉजीटिव तब ऐसे में पहला बच्चा तो नार्मल होने कि संभावना तो रहती है, लेकिन दुसरा या उसके बाद में कोई भी बच्चा सरभाइव नहीं करता है। इसे इर्थोब्लास्टोसिस फियोटेलिस कहते हैं...तब दोस्तो शादी के पहले इस बात का ध्यान रखियेगा।